हम तो उनकी बातो को सुनते थे बस उही गोर से
हमको कहा पता था की ये शरुआत है प्यार की
अब तो हालात ऐसे है की उनसे नज़र हटती ही नहीं
वो हमसे इतने खफा की हमारी ओर देखते ही नहीं
written by- ankit agrawal
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मुझे पढो तो ज़रा अहतियात से पढना क्योकि वक़्त वो भी अजीब था जब तू मेरे करीब था
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