Thursday, December 23, 2010

आजम को कहना पड़ा, कश्मीर भारत का

बेतुका बयान


जनता को भड़काने और बरगलाने वाले बयान देने के लिए कुख्याति अर्जित कर चुके समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान एक बार फिर अपनी आदत से बाज नहीं आए। इस बार उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधने के फेर में पहले तो यह बेतुका सवाल पूछा कि राहुल गांधी किसी मुस्लिम को प्रधानमंत्री कैसे बनाएंगे और फिर इस नतीजे पर पहंुच गए कि केंद्र सरकार में सिर्फ एक मुस्लिम मंत्री है और वह भी उस कश्मीर का जिसके बारे में यह तय नहीं है कि वह किस देश का हिस्सा है। आखिर जब राहुल गांधी ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं कि वह किसी मुस्लिम को प्रधानमंत्री बनाने की तैयारी कर रहे हैं तब फिर इस संदर्भ में आजम ने सवाल ही क्यों उछाला? उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस नतीजे पर कैसे पहुंच गए कि कश्मीर के बारे में अभी यह तय नहीं हो सका है कि वह भारत का हिस्सा है अथवा पाकिस्तान का? इस तरह का बयान तो कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की फिराक में रहने वाले पाकिस्तानी नेता भी देने से हिचकते हैं। आजम खान से यह तो पूछा ही नहीं जाना चाहिए फारुख अब्दुल्ला को वह दुनिया के किस हिस्से का नेता मानते हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी से यह अपेक्षा अवश्य की जाती है कि वह अपने नेता से जवाब तलब करे? आजम खान सरीखे नेताओं के ऐसे बयानों को तूल नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन समाजवादी पार्टी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उन पर अंकुश लगाए, क्योंकि ऐसे बयान उसकी उस अपेक्षा पर पानी फेर सकते हैं जिसे पूरा करने की चाहत में आजम को फिर से पार्टी में लाया गया है। आजम खान ने अपने बयान को लेकर जो सफाई दी उसका कोई मूल्य-महत्व नहीं, क्योंकि उन्होंने जो कुछ कहा वह टीवी चैनलों के कैमरों में कैद है। अब वह जमाना नहीं रहा कि कोई नेता उल्टा-सीधा बयान दे और बात बिगड़ने पर यह कहकर सारा दोष मीडिया पर थोप दे कि उसकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। यदि आजम खान यह सोच रहे हैं कि वह भड़काऊ बयानों के जरिये कांग्रेस का अहित और सपा का हित कर सकेंगे तो यह संभव नहीं। इससे तो वह अपनी अस्वीकार्यता ही बढ़ाएंगे।







आजम को कहना पड़ा, कश्मीर भारत का (बयान से पलटे आजम)
विवादास्पद बयानों के लिए चर्चित सपा नेता आजम खां के ताजा बयान पर फिर बवाल मच गया है। इस बार उन्होंने कश्मीर को भारत का अंग होने पर ही सवाल उठा दिए। कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाना बनाते-बनाते आजम बोले कि अभी तो कश्मीर का भूगोल ही तय नहीं है कि वो भारत में है पाकिस्तान में। बदायूं में मंगलवार शाम पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम, राहुल गांधी पर हमलावर थे। उन्होंने कहा कि राहुल कैसे किसी मुसलमान को प्रधानमंत्री बनाएंगे। कांग्रेस में तो एक ही मुसलमान मंत्री गुलाम नबी आजाद हैं। आजाद भी भारत के नहीं..बल्कि कश्मीर के हैं। उस कश्मीर के, जिसका अभी भूगोल ही तय नहीं है कि वह भारत में है या पाकिस्तान में। हालांकि आजम यह भूल गए कि मनमोहन की कैबिनेट में उत्तर प्रदेश से ही एक मुस्लिम मंत्री सलमान खुर्शीद हैं। फारुख अब्दुल्ला, सलमान खुर्शीद, ई. अहमद, सुल्तान अहमद के मंत्री होने की भी शायद उन्हें जानकारी नहीं होगी। आजम ने बुधवार को रामपुर में मीडिया के सामने कश्मीर मुद्दे पर सफाई पेश की। कहा कि कल उन्होंने बदायूं में कश्मीर मुद्दे पर पत्रकारों से बात की थी लेकिन हमारे सवाल को ही जवाब के रूप में पेश कर दिया गया। हम हमेशा कहते रहे हैं कि कश्मीर भारत का अटूट अंग था, है और रहेगा। कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय है। जिसे कांग्रेस ने हवा दी है। गुलाम नबी आजाद ने तो मुख्यमंत्री रहते अलगाववादी ताकतों से समझौता कर सरकार चलाई। अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बना रखा है। इस सफाई में भी आजम ने एक नया विवाद पैदा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की समस्या को सोशल प्रॉब्लम बताया जाता है, आर्थिक पैकेज की बात की जाती है जबकि जम्मू-कश्मीर के मुसलमानों को आतंकवादी बताया जाता है। क्या वे भारत के निवासी नहीं हैं। फिर उनके साथ पक्षपात क्यों? जब इस्लामिक आतंकवाद जुमला इस्तेमाल होता है तो हमें दुख होता है।

1 अक्टूबर 2010 से 30 सितंबर 2011 तक लागू ग्रेडेशन अनुबंध

'ए' ग्रेड (एक करोड़ रुपये)
* राहुल द्रविड़
* सचिन तेदुलकर
* गौतम गंभीर
* सुरेश रैना
* महेन्द्र सिंह धोनी
* वीरेंद्र सहवाग
* जहीर खान
* वीवीएस लक्ष्मण
* हरभजन सिंह

बी' ग्रेड (50 लाख रुपये)

* युवराज सिंह
* ईशांत शर्मा
* आशीष नेहरा
* प्रवीण कुमार
* विराट कोहली
* मुरली विजय
* प्रज्ञान ओझा
'सी' ग्रेड (25 लाख रुपये)
* एस श्रीसंथ
* अमित मिश्रा
* आर अश्विन
* रोहित शर्मा
* चेतेश्वर पुजारा
* रविंदर जडेजा
* अभिमन्यु मिथुन
* विनय कुमार
एक अक्टूबर 2010 से बीसीसीआई का नया अनुबंध भारतीय टीम के आक्रामक बल्लेबाज सुरेश रैना एक बार फिर खराब फार्म से जूझ रहे युवराज सिंह को पीछे छोड़ केंद्रीय अनुबंध के शीर्ष ग्रेड में पहली बार शामिल हो गए जिसमें कप्तान धौनी, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ समेत नौ खिलाड़ी शामिल हैं। बीसीसीआई ने एक और कदम उठाते हुए ग्रेड-डी को हटा दिया है जिसके बाद अब सिर्फ तीन ही ग्रेड रहेंगे।
बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार इस तरह इस सत्र में केवल 24 खिलाडिय़ों को ही सालाना रिटेनरशिप फीस की पेशकश की गई जबकि पिछले सत्र में यह संख्या 41 थी। अगर कोई भी गैर अनुबंधीय खिलाड़ी अगले सत्र में भारत की ओर से खेलता है तो वह ग्रेड-सी में पहुंच जाएगा। ग्रेड-बी के खिलाडिय़ों को अब 40 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे जबकि ग्रेड-सी में क्रिकेटरों को 25 लाख रुपये ही दिए जाएंगे। अंतिम एकादश में खेलने वाले भारतीय खिलाडिय़ों को टेस्ट मैच के लिए सात लाख, वनडे के लिए चार लाख और टी-20 मैच के लिए दो लाख रुपये मिलेंगे।
हाल में दो सीरीज के लिए टेस्ट टीम से बाहर किए गए युवराज के लिए ग्रेड-बी में फिसलना एक और झटका है। दिल्ली के बल्लेबाज विराट कोहली अपने पिछले डी-ग्रेड से सुधार करते हुए बी-ग्रेड में जगह बनाई जबकि रोहित शर्मा बी से फिसलकर ग्रेड-सी में आ गए हैं। आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने आगाज में अर्धशतक जडऩे वाले चेतेश्वर पुजारा, कर्नाटक के तेज गेंदबाज विनय कुमार और अभिमन्यु मिथुन और तमिलनाडु के आफ स्पिनर रवि अश्विन के साथ ग्रेड-सी में पहुंच गए हैं। मुरली विजय और प्रज्ञान ओझा ने भी सुधार करते हुए बी ग्रेड में जगह बनाई। हालांकि पठान बंधु इरफान और यूसुफ, आरपी सिंह, सुदीप त्यागी, दिनेश कार्तिक, पार्थिव पटेल, मनोज तिवारी, रिद्धिमान साहा, अशोक डिंडा, शिखर धवन, अंजिक्या रहाणे, वसीम जाफर और अभिषेक नायर का कोई केंद्रीय अनुबंध नहीं होगा।

सर्वश्रेष्ठ एक दिवसीय साझेदारियां [November 18, 2010]

रन खिलाड़ी टीम विकेट
318 सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ भारत दूसरा
274 जेएएच मार्शल और बीबी मैक्कुलम न्यूजीलैंड पांचवां
258 सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर भारत सातवां
257 सलीम इलाही और अब्दुल रज्जाक पाकिस्तान दूसरा
252 सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर भारत पहला
286 थरंगा और सनथ जयसूर्या श्रीलंका तीसरा
263 आमिर सोहेल और इंजमाम-उल-हक पाकिस्तान छठा
331 सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ भारत दूसरा
275* मो. अजहरुद्दीन और अजय जडेजा भारत चौथा
252* शेन वाटसन और रिकी पोंटिंग आस्ट्रेलिया दूसरा

सबसे ज्यादा एक दिवसीय विकेट [November 18, 2010]

विकेट खिलाड़ी टीम मैच
517 मुथैया मुरलीधरन श्रीलंका 339
502 वसीम अकरम पाकिस्तान 356
416 वकार यूनुस पाकिस्तान 262
400 चमिंडा वास श्रीलंका 322
393 शान पोलाक द.अफ्रीका 303
381 ग्लेन मैक्ग्रा आस्ट्रेलिया 250
337 अनिल कुंबले भारत 271
324 ब्रेट ली आस्ट्रेलिया 186
322 सनथ जयसूर्या श्रीलंका 444
315 जवागल श्रीनाथ भारत 229

सबसे ज्यादा एक दिवसीय रन [November 18, 2010]

17598 सचिन तेंदुलकर भारत 442
13428 सनथ जयसूर्या श्रीलंका 444
13082 रिकी पोंटिंग आस्ट्रेलिया 352
11739 इंजमाम-उल-हक पाकिस्तान 378
11363 सौरव गांगुली भारत 311
11002 जैक्स कालिस द अफ्रीका 307
10765 राहुल द्रविड़ भारत 339
10405 ब्रायन लारा वेस्टइंडीज 299
9720 मोहम्मद यूसुफ पाकिस्तान 288
9619 एडम गिलक्रिस्ट आस्ट्रेलिया 287

धौनी और सचिन के नाम रहा 2010

टेस्ट और वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हो या फिर इंडियन प्रीमियर लीग [आईपीएल] और चैंपियंस लीग, वर्ष 2010 में हर जगह महेंद्र सिंह धौनी के धुरंधरों का धमाल और सचिन तेंदुलकर के बल्ले का कमाल देखने को मिला। धौनी की अगुवाई में भारत दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बना और वनडे क्रिकेट में लंबे अर्से बाद एशिया कप जीता।

Tuesday, December 21, 2010

3जी सेवाएं, टेलीकॉम कंपनियों को झटका,

ग्राहकों को तीसरी पीढ़ी यानी 3जी सेवाएं परोसने को बेसब्री से इंतजार कर रही टेलीकॉम कंपनियों को सरकार ने तगड़ा झटका दिया है। सरकार ने टाटा टेलीसर्विसेज और रिलायंस कम्युनिकेशंस समेत अन्य प्रमुख मोबाइल ऑपरेटरों को इन सेवाओं को पेश करने से रोक दिया है। इसके पीछे उसने सुरक्षा का हवाला दिया है। इन कंपनियों को साफ कहा गया है कि निगरानी तंत्र मुहैया कराए बगैर वे 3जी सेवाएं नहीं दे सकती हैं। ऑपरेटरों की मानें तो यह आदेश केवल मोबाइल पर वीडियो कॉल तक ही सीमित है, पर दूरसंचार विभाग (डॉट) के सूत्रों का कहना इससे जुदा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आदेश उन सभी सेवाओं पर लागू होता है, जहां निगरानी तंत्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है। डॉट और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को टेलीकॉम उद्योग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। इसी बैठक में कंपनियों को नए आदेश से अवगत करा दिया गया। 3जी मोबाइल सेवाओं का मुख्य आकर्षण स्पष्ट वॉयस कॉल, वीडियो कॉल और डाटा सर्विसेज हैं। डाटा सर्विसेज के तहत ऑपरेटर तेज गति वाली इंटरनेट सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। सरकार इसी पर निगरानी की आवश्यकता महसूस कर रही है। वहीं, निजी टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि बीते दो साल से सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर- बीएसएनएल और एमटीएनएल 3जी सेवाएं दे रही हैं। लेकिन उनके लिए कभी ऐसा फरमान जारी नहीं किया गया, जबकि सुरक्षा से जुड़े ये मसले तब भी थे।

विकीपीडिया

दुनियाभर की जिज्ञासाओं को शांत करने वाली एकमात्र विश्व कोष वेबसाइट विकीपीडिया आर्थिक संकट की चपेट में है। विकीपीडिया के संस्थापक जिम्मी वालेस ने इसक ा इस्तेमाल करने वाले लोगों से मदद की अपील की है। बकौल वालेस विकीपीडिया को वित्तीय संकट से उबरने के लिए एक करोड़ 60 लाख डॉलर की जरूरत है। दुनियाभर में रोजाना 40 करोड़ लोग विकीपीडिया का इस्तेमाल करते हैं। वालेस ने कहा कि विकीपीडिया उस सार्वजनिक स्थान की तरह है, जहां दुनिया के किसी भी हिस्से में रहने वाला व्यक्ति आ सकता है और अपना योगदान दे सकता है। यह वेबसाइट पूरी तरह से लोगों के लिए चलाई जाती है और इसमें काम करने वाले सभी लोग स्वैच्छिक कार्यकर्ता हैं। इस वेबसाइट से हजारों लेखक और संपादक जुड़े हंै, जिन्हें श्रम या अन्य किसी योगदान के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है। वालेस ने कहा कि विकीपीडिया के उपभोक्ता अगर एक-एक डॉलर का भी दान करें तो जरूरत से 20 गुना ज्यादा राशि जमा हो सकती है। अभी तक एक करोड़ 12 लाख डॉलर मिल चुके हैं और अब मात्र 48 लाख डॉलर की और जरूरत है।

ब्रेडमैन के देश में सचिन सर्वश्रेष्ठ

सचिन तेंदुलकर के 50वें टेस्ट शतक की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि उनके और डॉन ब्रेडमैन में से महान कौन है। ब्रेडमैन के देश में एक अखबार द्वारा कराए गए ऑनलाइन सर्वे में सचिन ने क्रिकेट के डॉन को पीछे छोड़ दिया है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने अपने ऑनलाइन सर्वे में सबसे महान क्रिकेटर : बे्रडमैन या तेंदुलकर? विषय पर लोगों को वोट करने के लिए कहा, जिसमें 2975 क्रिकेट प्रशंसकों ने अपना मत दिया। तेंदुलकर को 66 प्रतिशत मत मिले जबकि ऑस्ट्रेलियाई महान क्रिकेटर ब्रेडमैन के नाम 34 प्रतिशत वोट आए। अखबार में एक लेख के मुताबिक कई लोगों ने यह पूछा कि क्या मास्टर-ब्लास्टर और सर डॉन बे्रडमैन के बीच तुलना करना ठीक है क्योंकि दोनों अलग-अलग युग में खेले हैं। क्रिकेट लेखक डेनियल लुईस ने पूछा, तेंदुलकर की महानता काफी बढ़ गई है। 50 टेस्ट शतक जड़ने वाला पहला खिलाड़ी बनने के बाद यह बहस फिर से छिड़ गई है कि दोनों में से महान बल्लेबाज कौन है। क्या यह भारत के 37 वर्षीय लिटिल मास्टर हैं या फिर ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत सर डोनाल्ड ब्रेडमैन? क्या इन दो अलग-अलग युग के दो खिलाडि़यों के बीच तुलना करना उचित है या नहीं? लुईस ने कहा, बे्रडमैन ने 80 पारियों में 29 शतक बनाए हैं, जो प्रत्येक शतक 2.76 पारी के हिसाब से बना है। वहीं तेंदुलकर के 50 शतक 286 पारियों में बने हैं, जिससे प्रत्येक सैकड़ा 5.72 पारी में बना है। फिर इसमें औसत भी काम करता है। बे्रडमैन का टेस्ट औसत 99.94 है, जो क्रिकेट आंकड़ों में सर्वश्रेष्ठ है जबकि तेंदुलकर का औसत 56.89 है। जो भी हो अब कंगारू भी मानने लगे हैं कि सचिन तेंदुलकर की उछाल के सामने ब्रेडमैन पीछे हो रहे हैं।

लड़कों को बुद्धिमान

लंबे समय से डॉक्टर कहते रहे हैं कि स्तनपान मां और शिशुओं दोनों के लिए बेहतर होता है। अब एक शोध में यह बात सामने आई है कि स्तनपान शिशुओं खास तौर से लड़कों को बुद्धिमान बनाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय दल ने शोध में पाया है कि स्तनपान बच्चों को 10 साल की उम्र तक पढ़ाई में सफलता हासिल करने में मदद करता है। इसका लड़कों पर ज्यादा प्रभाव होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मां के दूध में मौजूद कुछ तत्व दिमाग के विकास में मददगार होते हैं क्योंकि लड़कों में दिमाग के विकास के लिए जिम्मेदार फीमेल हार्मोन की कमी होती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि सीखते वक्त लड़के मां पर बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं। इससे यह समझा जा सकता है कि मां के दूध का लड़कों पर ज्यादा प्रभाव होता है। छह महीने या उससे ज्यादा वक्त तक लगातार स्तनपान का बच्चों खास तौर से लड़कों पर सकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। द डेली टेलीग्राफ में इस शोध के मुख्य लेखक वेंडी ऑडी ने कहा, हमारा शोध इस बात की पुष्टि करता है कि कम से कम छह महीने तक स्तनपान कराना बच्चे की सेहत के लिए बेहतर है। मांओं को छह महीने और उससे ज्यादा स्तनपान कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस शोध में करीब एक हजार बच्चों को शामिल किया गया था।